२ तिमोथि 1:12 - चितवनिया थारु12 उहेसे मुइ इअ दुःख भोगइ बडहिँ। बाकि मुइ यकर तहिँया नाहिँ लजेबहिँ, केहकेकि मुइ काकर वपरा विस्वास करले बडहिँ कहके मोर थाह बडइ। परमेस्वर जथि मोरके सपले बडसि, उअ यापन यइलि दिनवालइ सुरछित धरबसि कहके मुइ निस्चित बडहिँ। Viz kapitola |