२ कोरिन्थि 5:1 - चितवनिया थारु1 हमार थाह बडइ कि, हमार देहिया पाल नहिँया हसइ, जाकरमा हमरा इअ संसारमा रहइकि बास करसहुँ। यगर हमार बास करलि पाल रुपि देहिया नास भके गेले फेनि स्वरगमा अनन्तलइ रहना परमेस्वरक देल हमार एगुडा स्वरगिय देहि घर जसने हतइ, जुन मन्सेक हाथसे हइने बनावल हखइ। Viz kapitola |