१ कोरिन्थि 7:36 - चितवनिया थारु36 कुनहुँ मङनि भेल जोडि बियाह नाहिँ करेके निरनय लेल अवस्थामा, यगर उअ मन्सावा मुइ कुवारि-कन्यासाङे उचित व्यबहार हइने करइ बडहिँ कहके सोचसिय हसे यापन मनवा थामे नाहिँ सकके बियाह करे परतइ कहके सोचबिय जउँ, हुनुका बियाह करे सकतइ। इअ पाप नाहिँ हतइ। Viz kapitola |