१ कोरिन्थि 7:15 - चितवनिया थारु15 बाकि विस्वास हइने करलाहर मरद कि जनि छुटियाके रहे खोजतइ जउँ, हुनुका छुटियाके रहे सकतइ। यसनुक अवस्थामा विस्वास करल मरद कि जनि बियाहक बन्धनमा नाहिँ रहतइ, केहकेकि परमेस्वर हमराके सान्तिक जिवन बितावेके तहिँया बलोले हखसि। Viz kapitola |