१ कोरिन्थि 4:6 - चितवनिया थारु6 प्रियसभ, मुइ यापन हसे अपोल्लोसक उदाहरन देके तोहार तहिँया इअ जम्मे बतवा लिखइ बडहिँ, ताकि “लिखलि वचनवासे बाहरा झिन जइह” कहके धरमसास्तरवामा लिखइलि वचन यनुसार जिएके हमारसे सिखह। तोहरा एक जनक पछक लेके दोसरे जनक विरोध करके घमन्डि झिन हखिय। Viz kapitola |