प्रकाशित वाक्य 9:20 - चुराही नवाँ नियम20-21 पण बाकि बचौरै मैहणु, जै तैन्हांं विपत्तिया किना पेहिलै ना थ्यै मरोरै, तैन्हैं हालै-तेईनी बि अपड़ै बुरै कंमा किना पश्चाताप ना केया। तैन्हैं हत्या कांनी, जादु-टोंणा, व्याभिचार, अनैतिकता या चोरी कांना किना पश्चाताप ना केया। तैन्हैं बुरी आत्माया केरी जां अपड़ै हत्थै ला बंणाउरिया चीजा केरी पूजा कांनी बि ना छडि, जिहीं कि सुन्ना या चांदी या पित्तअ या घौड़ या लकड़िरी बंणाउरी मूर्तिया। सै मूर्ती, ना सै तकांती, ना शुणती, जां ना ऐ चलती। Viz kapitola |