प्रकाशित वाक्य 4:9 - चुराही नवाँ नियम9-10 जै सिंघासना पन बेठौरा, सैहै आ जै हमेशा- हमेशा तेईनी जींता। जींतै जीव तेसनी आदर जां धन्यवाद दींतै, जां जेख्णी बि सैक्यै ऐहीं कातै, ता सैक्यै चोब्बी पूर्वज तेसेरै सांमणै छिढ़ि गांहथै जां तेसैरी अराधना कातै। सैक्यै ऐहीं बोलतै-बोलतै अपड़ै-अपड़ै मुकुट सिंघासना सांमणै सुटि दींतै, कि Viz kapitola |