प्रकाशित वाक्य 3:17 - चुराही नवाँ नियम17 तु बोलता कि आंउ धनवान आ जां ताउ किनि सभ-किछ आ, पण सच ऐ आ कि तु एकि अंधै सैयि आ, तु ना जांणता कि तु हकीकत मझ केतिया। ताउ पन तरस ऐईंणा चेहिंथा केईनी कि तु गरीब आ, ऐठणीरा मतलब ऐ आ कि ताउ मझ भरौसेरी कमि आ। तु तैन्हांं मैहणुवांं सैयि आ जैन्हां किनि लिकड़ै नत्तै। Viz kapitola |