प्रकाशित वाक्य 20:14 - चुराही नवाँ नियम14-15 सै सारै मैहणु जैन्हां केरै नाँ जीवन बाई किताबि मझ ना थ्यै, सै सारै नरका मझ सुटि दित्तै। ऐत किना बाद अबै कोई मोउत ना। अबै ऐन्हां मौरा मैहणुवां किनि नरका छडि करि होरी कौ जगा ना थी। ऐस नरकेरी सजायनीऐ दुईं मोउत बोलतै। Viz kapitola |