46 नतनएलै तैस किना पुच्छु, “क्या कौ अच्छी चीज नासरत नगरा किना बि निकोहि सकती?” फिलिप्पुसै तेसनी जुबाव दित्ता, “चला जां ऐपुवै तका ल्या।”