प्रकाशित वाक्य 9:17 - चम्बयाली नौआ नियम17 मेरे जो इस दर्शन बिच घोड़े अते तिन्हेरे इदेय सवार दिस्से, जिन्हेरी झिलमे आग्ग, अते धुम्रकान्त, ते गन्धक सांई थी, अते तिन्हा घोड़ेयां रे सिर शेर रे सिरां सांई थिये, अते तिन्हेरे मुँहा का आग्ग, अते धुआं ते गन्धक निकलदा थिया। Viz kapitola |