प्रकासित बाक्य 7:2 - बृज भासा2 फिर मैंनें एक और सुरग दूत कूं जीबते परमेस्वर की मौहर लये भये पूरब ते ऊपर की ओर आवत भये देखौ, बानें बिन चारौ सुरग दूतन ते जिनें धरती और समुन्दर को नुकसान करवे को अधिकार मिलौ भयौ हतो ऊंचे अबाज ते पुकार के कही के, Viz kapitola |