प्रकासित बाक्य 18:12 - बृज भासा12 चीज सौने की, चाँदी की, भौत कीमती रत्न, मोती, मलमल, बैजनी, रेसमी और किरमिजी कपड़ा, हर तरैह की सुगंधित लकड़ी, हाँती दाँत की बनी भई हरेक तरैह की चीज, अनमोल लकड़ी, काँसे, लोहे और संगमरमर ते बनी भई तरैह-तरैह की चीज Viz kapitola |