मरकुस 9:50 - बृज भासा50 “नौन तौ अच्छौ है। पर नौन अगर अपनों नुनखरौ पन छोड़ दैवे तौ तुम बाय दुबारा कैसै नुनखरौ बना सकतौ? नौन भौत सी चीजन के काजै लाभदायक है बैसेई तुमारो व्यवहार दूसरेन के काजै लाभदायक होनों चहिऐं और हर एक तै मेल-जोल के संग रहौ।” Viz kapitola |