12 मैं ने सिलवानुस के हाथ, जिये मैं बिसवास जोग भाई मानत आंव, तनक में लिख के तुम हां समजाओ आय और जा गवाय दई आय, कि परमेसुर की सांची दया जाई आय, ऐई में पक्के बने रओ।