1 तुम में जौन धार्मिक बूढ़े आंय, मैं उनईं घांई धार्मिक बूढ़ों और मसीह की पीड़ाओं को गवाय और उजागर होबेवारी मईमां में संगसाथी होकें जा विनय करत आंव।