रोमियो 15:1 - बग़ल्याणी1 जे म्हारा विश्वास मजबूत ए तो तिना साथी विश्वासिया साथे जिना रा विश्वास कमजोर ए तिना साथे धीरज राखो। आसा खे आपणे आपू खे खुश करने रे बदले तिना खे खुश करने री कोशिश करनी चाईयो। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई1 ज़ुरुरी आ कि आमै ज़ुण विश्वासा दी मज़बूत ई, कमज़ोर लोगु री मज़द कौरु, ना कि सिरफ आपणौ ज़िऊ खुश कौरी। Viz kapitola |