प्रकाशित 9:20 - बग़ल्याणी20 और बाकि मांणू जो तिना महामारिया ते नि मरे थे, आपणे आथो रे कामो ते मन नि फेरेया कि दुष्टात्मा री, सुईना, चाँदी, पीतल़, पात्थर और काठो री मूर्तिया री पूजा नि करो, जो ना देखी सकोई, ना सुणी सकोई और ना ई चली सकोई। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई20 बाकी आदमीउऐ ज़ो तिऊं माहामारीऊ कौरी नाईं मौरै थै, आपणै हाथा रै कामा कु मन नाईं बौदल़ा, कि बुरी आत्मा री, सुनै और च़ांदी और पितल़ और ढोल़ और काठा री मुर्तिऊ री पुज़ा नाईं कौरौ, ज़ो ना देखदै, ना शुणदै, ना हाण्डी बौल़दै, Viz kapitola |