प्रकाशित 3:20 - बग़ल्याणी20 देख, आऊँ द्वारो पाँदे खड़ेया रा खटखटाऊँआ। जे कोई मेरा शब्द सुणी की द्वार खोलोगा, तो मां तेस साथे पीतरे आयी की रोटी खाणी और तेस मां साथे खाणी। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई20 देख, हाऊं दारा काऐ खौड़ौ हुइयौ खटखटावा ऊ। अगर कुण मेरी बाच़ शुणियौ दार खोलालौ, ता हाऊं तेस काऐ भितै आशीयौ तेस आइलै रोटी खाआ ऊ, और सेऊ मुं आइलै रोटी खाआ। Viz kapitola |