प्रकाशित 3:18 - बग़ल्याणी18 इजी री खातर आऊँ ताखे सला देऊँआ कि आगी रे तपाया रा सुईना मांते मोले लओ कि तूँ अमीर ऊई जाए और सफेद टाले लयी लो कि पईनी की ताखे आपणे नांगे ऊणे री शर्म नि ओ और आपणी आखी रे लगाणे खे काजल़ लओ कि तूँ देखणे लगो। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई18 एथीलै हाऊं ताउंलै सलाह दिआऊ कि आगी दी तौपाऔ औन्दौ सुनौ मुकु मोल निऊं, कि तू अमीर हुआ लौ। और शेतै जुड़कै निऊं कि तिऊं भिड़ीयौ तू बेइज़्ज़त ता नाईं हुआ लौ। और आपणी आखी दी लाइणा लै सुरमौ निऊं, कि तू देखदै लागा। Viz kapitola |