प्रकाशित 18:18 - बग़ल्याणी18 और तेसा रे फूखणे रा तुआँ देखदे ऊए आक्का पाई की बोलणा, ‘कुण जा नगर, एस बड़े नगरो जेड़ा ए?’ Viz kapitolaपहाड़ी महासुई18 और तिंआरौ ज़ौल़णै रौ धुंऔ देखदी बारै औटाइयौ बोलाई, ‘केज़ौ शैहर आ एज़ी बौड़ी नगरी ज़िणौ?’ Viz kapitola |