प्रकाशित 17:4 - बग़ल्याणी4 एसे जवाणसे बैंगणी और लाल रंगो रे टाले पईने रे थे और सुईने, किमती मणि और मोतिए की सजी री थी। और तेसा रे आथो रे एक सुईने रा कटोरा था, जो घृणित चीजा ते और तिजी रे व्याभिचारो री अशुद्ध चीजा ते फरे रा था। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई4 इंऐ छ़ेउड़ीऐ बैंगनी और रातै रौंगा रै जुड़कै थै भिड़ै औन्दै, और सुनै और भौरी मैंहगै मौणी और मोती कौरीऐ थी सौज़ी ऐन्दी, और तियांरै हाथा दी थौ एक सुनै रौ खोरु ज़ो जौगरी च़िज़ेऊ कौरी और तियांरै बुरै कामा री अशुद्ध च़िज़ेऊ कौरी थौ भौरौ औन्दौ। Viz kapitola |