प्रकाशित 13:15 - बग़ल्याणी15 तेस दूजे डांगरो खे तेस पईले डांगरो री मूरता रे प्राण पाणे रा अक्क दित्तेया, ताकि डांगरो री मूरत बोलणे लगो और जितणे लोक तेस डांगरो री मूरता री पूजा नि करो, तिना खे काई देओ। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई15 और तेसकै तेस जानवरा री मूर्ती दी प्राण दैणै रौ हक्क दैऔ, कि जानवरा री मूर्ती बौताइंदै लागा। और ज़ुण तिऐं जानवरा री मूर्ती री पुज़ा नाईं कौरालौ, तिऊं पोरु झ़ौंगावा। Viz kapitola |