प्रकाशित 12:11 - बग़ल्याणी11 और सेयो मिन्टूए रे खूनो री बजअ ते और आपणी गवाईया रे वचनो री बजअ ते, तेस पाँदे जयवंत ऊए। कऊँकि तिने आपणे प्राण प्यारे नि जाणे, एथो तक की मौत बी सयी ली। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई11 और सै गाबड़ु रै लोऊ री वज़ाह कु और आपणी गवाही रै वचना री वज़ाह कु तेसकु ज़िते ई, और तिंउऐ आपणै प्राण आच़्छ़ै नाईं ज़ाणै, इदरा झ़ांऊ कि मौत भी सहन की ई। Viz kapitola |