प्रकाशित 1:16 - बग़ल्याणी16 तिने आपणे दाँणे आथो रे सात तारे लयी राखे थे और तेसरे मुंओ ते पईनी दोरी तलवार निकल़ने लगी री थी। तेसरा मूँ एड़ा चमकणे लगी रा था जेड़ा सूरज कड़क तूपा पाँदे चमकोआ। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई16 तिणीऐ आपणै हाथा दी सात तारै थै किऐ औन्दै, और तेसरै मुंहा कु तेज़ दोधारी तलवार निकल़ा थी। तेसरौ मूंह इणौ च़ौमकौ औन्दौ थौ, ज़िणौ सुरज ताती तौपी ऐन्दी रुड़ी रै बौगता दी च़ौमका आ। Viz kapitola |