मरकुस 9:50 - बग़ल्याणी50 लूण अच्छा ए, पर जे लूणो रा स्वाद बिगड़ी जाओ तो से किजी साथे लूणका करना? आपू रे लूणो जेड़ा मित्रता रा स्वभाव राखो और आपू बीचे मिली-जुली की रओ।” Viz kapitolaपहाड़ी महासुई50 रोटी खांदी बारै लूण आच़्छ़ौ आ। पर लुणा मांझ़िऐ दुजी च़िज़ै मिलाइऔ लुणा रौ स्वाद बिगड़ी जा लौ ता तेस लूण केथ कौरीऐ कौरा ई लुणुऔ? तुमै लोग लुणा ज़िणै ई। कैलैकि तुमै मुं माथै विश्वास छ़ाड़ाई। तुमै पापा री बाटा दी डेइयौ आपणै विश्वासा रौ स्वाद ना खोएउ। एकी-दुजै कु बौड़ै हुणै री इच़्छ़ा छ़ाड़ियौ एकी-दुजै आइलै मिली-ज़ुलियौ रौऔ।” Viz kapitola |