मरकुस 1:3 - बग़ल्याणी3 “सुणसाण जगा रे एक आक्का पाणे वाल़े री आवाज सुणने लगी री, ‘प्रभुए री खातर लोका रे मनो खे त्यार करो, और तिना रे मनो खे सीदा करो।’ ” Viz kapitolaपहाड़ी महासुई3 यशायाह भविष्यवक्तै इणौ थौ लिखौ औन्दौ कि, “शुनशान ज़ागाह दी एक आदमी री हाकै ई लागी औन्दी शुणिदै, ‘प्रभु रै स्वागता लै आपणै ज़िऊ त्यार कौरौ, और आपु सुधरौ।’ ” Viz kapitola |