मत्ती 27:60 - बग़ल्याणी60 और से आपणी नईया कब्रा रे राखी, जो तिने चट्टानी रे थी खणवाई री और कब्रा रे द्वारो पाँदे एक बड़ा पात्थर खसकेयी की चली गा। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई60 और सेऊ मौड़ौ आपणी नौईं ओडाच़ी दी छ़ाड़ौ, ज़ो तिणीऐ ढोकै दी थी काटियौ चाणी औन्दी, और ओडाच़ी दी एक बौड़ै पात्थरा कौरीऐ बन्द कौरीऔ डेई गौ। Viz kapitola |