मत्ती 17:15 - बग़ल्याणी15 “ओ प्रभु! मेरे पाऊए पाँदे दया कर, कऊँकि तेसखे मिर्गी ए और तेसखे बऊत दु:ख ओआ, से बार-बार पाणिए रे और बार-बार आगी रे पड़ी जाओआ। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई15 “ओ प्रभु, मैरै छ़ोहरु माथै दया कर! कैलैकि तेसरै मुंआ दी आशा ई शेफै, और सेऊ भौरी दुःख उठावा। और केबी सेऊ आगी दी और केबी सेऊ पाणी दी लोटा सा। Viz kapitola |