प्रेरित 17:28 - बग़ल्याणी28 कऊँकि आसे तेसदे ई जिऊँदे, चलदे-फिरदे और खड़े रऊँए, जेड़ा तुसा रे कितणे कविये बी बोली राखेया कि, आसे तो तेसरे ई वंश ए। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई28 कैलैकि आमै तेसी दी ज़िउंदै, च़ालदै-फिरदै और खौड़ै रौई ई। ज़िणौ कि तुमारै कुछ़ आपणै कवीउऐ भी बोलौ आ कि, ‘आमै ता आपु भी तेसी री सन्तान ई।’ Viz kapitola |