2 कुरि 11:27 - बग़ल्याणी27 मैं सख्त मईणत कित्ती और बऊत राती जागदे ऊए बिताई। माखे बार-बार खाणे खे रोटी नि मिली। पूख-त्याय, सेल़ा और टालेया री कमी इना सबी तकलीफा खे सईन करदा रया। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई27 मैहनत और कौष्टा दी, घौड़ी-घौड़ीऐ उज़ीई रौइणै दी, भोखै-चिशै दी, ब्रौता कौरणै दी, शेल़ै दी, ज़ुड़केऊ री कामी दी। Viz kapitola |