1 पतरस 5:1 - बग़ल्याणी1 ओ साथी बुजुर्गो, कुछ ओर गल्ल बी ए जो आँऊ तुसा खे बोलणा चाऊँआ कऊँकि आँऊ बी तुसा जेड़ा एक बुजुर्ग ए। मसीहे जो दुःख सईन कित्तेया आँऊ आपू तिजी रा गवा ए। जेबे से वापस आऊणा तो आँऊ बी तेसरी महिमा रा इस्सेदार ऊणा। साथी बुजुर्ग ऊणे रे नाते आँऊ तुसा ते बिनती करूँआ: Viz kapitolaपहाड़ी महासुई1 कुछ़ औज़ौ भी आ ज़ो हाऊं तुमु स्याणेऊ लै बोलणौ च़ाहा ऊ, कैलैकि हाऊं भी तुमु ज़िणौ स्याणौ ऊ। मुंइऐ आपु सै दु:ख देखै ई ज़ो मसीहै भौरी पैहलै उठाऐ थै। ज़ेबी सेऊ दुजी बारै वापिस आशा लौ ता हाऊं भी तेसरी महिमा दी शामिल हुआ ऊ। एक साथी स्याणै रै रुपा दी हाऊं तुमु सौमझ़ावा ऊ। Viz kapitola |