1 कुरि 8:10 - बग़ल्याणी10 कऊँकि जे कोई ताखे ज्ञानियो खे मूर्तिया रे मन्दरो रे रोटी खांदा ऊआ देखो और से जो मनो ते कमजोर ओ, तो क्या तेसरा कमजोर मन तेते हदा तक नि पटकी जाणा कि तेसरी मूर्तिया रे सामणे बलि कित्ती री चीजा खे खाणे री इम्मत नि ऊई जाणी? Viz kapitolaपहाड़ी महासुई10 अगर कासरौ विश्वास कमज़ोर आ और सेऊ तुमु ज़िणै ज्ञानी मन्दिरा दी रोटी खान्दै देखा लौ ता तेसरै मौना दी मूर्ती लै च़ौड़ाई ऐन्दी भैंटा री रोटी खाणै री हिम्मत हुआ आ। Viz kapitola |