1 कुरि 7:32 - बग़ल्याणी32 मेरी इच्छा ये ए कि तुसे दुनिया री लालसा ते दूर रओ। कुआँरा मर्द प्रभुए री सेवा चिन्ता रे रओआ कि प्रभुए खे किंयाँ खुश राखिए। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई32 पर हाऊं इणौ च़ाहा ऊ कि तुमुलै फिकर ना हुआ। बिणा शादी रौ आदमी प्रभु री सेवा री फिकरा दी रौआ सा कि प्रभु किणै कौरी खुश छ़ाड़ुलै। Viz kapitola |