1 कुरि 13:5 - बग़ल्याणी5 प्यार अनुचित रीतिया ते नि चलदा, से आपणी पलाई नि चांदा, प्यारो रे चट गुस्सा नि आऊँदा, बुरा नि मानदा। Viz kapitolaपहाड़ी महासुई5 प्यार दुजेऊ री बेइज़्ज़ती नाईं कौरदौ, सेऊ आपणौ भौलाई नाईं च़ांहादौ, झुंझलांदौ नाईं, बुरौ नाईं मानदौ। Viz kapitola |