प्रकाशित वाक्य 7:11 - हरियाणवी11-12 अर सारे सुर्गदूत, उस सिंहासन, बुजुर्गां अर च्यारु प्राणियाँ कै चौगरदेकै खड़े सै, फेर वे सिंहासन कै स्याम्ही मुँह कै बळ पड़गे, अर परमेसवर ताहीं प्रणाम करकै कह्या, म्हारै परमेसवर की बड़ाई, महिमा, ज्ञान, धन्यवाद, आदर, सामर्थ, अर ताकत युगानुयुग बणी रहवै। आमीन। Viz kapitola |