प्रकाशित वाक्य 3:10 - हरियाणवी10 क्यूँके जिब तेरे ताहीं सताया जाण लागरया था, तो तन्नै मेरे वचन ताहीं धीरज तै पुगाया सै, उसकी बजह तै मै भी तन्नै इम्तिहान कै उस बखत म्ह बचा के राक्खूँगा, जो धरती पै रहण आळे माणसां नै परखण कै खात्तर साब्ती दुनिया पै आण आळा सै। Viz kapitola |