प्रकाशित वाक्य 3:1 - हरियाणवी1 उसनै मेरे ताहीं यो भी कह्या के सरदीस नगर की कलीसिया के सुर्गदूत नै लिख, के “जिसकै धोरै परमेसवर की सात आत्मा अर सात तारे सै, वो न्यू कहवै सै,” के मै तेरे काम्मां नै जांणु सूं, के तू मेरा बिश्वास लायक बिश्वासी तो कुह्वावै सै, पर असल म्ह तन्नै मेरा कहणा मानना छोड़ दिया सै। Viz kapitola |