2 कुरिन्थियों 13:1 - हरियाणवी1-2 पवित्र ग्रन्थ म्ह लिख्या सै, के दो या तीन गवाहां कै मुँह तै हरेक बात सच साबित हो जावै सै। जिब मै दुसरी बार थारे तै मिलण आया था, तो मन्नै उन माणसां ताहीं चेतावनी देई, जो पैहल्या तै पाप करण लागरे थे। इब मन्नै दुसरी बार चिट्ठी लिख के थारे ताहीं अर दुसरे बाकी माणसां तै भी चेतावनी देकै कह्या के वे पाप ना करै। इब मै तीसरी बार थारे धोरै आण आळा सूं, अर जै इब भी उन माणसां नै पाप करणा न्ही छोड्या सै, तो कोए भी उननै परमेसवर के दण्ड तै बचा न्ही पावैगा। Viz kapitola |