प्रकाशित 9:10 - पहाड़ी महासुई10 तिउंरी पूंछ़ बिच़्छ़ु ज़िणी थी, और तिऊंदी ज़ैहर थौ, और तिउंकै पांज़ मिहनै झ़ांऊ लोगु लै दु:ख दैणै री ज़ो शक्ति थी मिली ऐन्दी, सै तिंउरै पूंछ़ा दी थी। Viz kapitolaबग़ल्याणी10 तिना री पूँछ बिच्छुआ जेड़ी थी और तिना रे डंग थे और तिना खे पाँज मीन्ने तक मांणूआ खे दुःख पऊँछाणे री जो शक्ति देई राखी थी, से तिना री पूँछा रे थी। Viz kapitola |