प्रकाशित 6:14 - पहाड़ी महासुई14 आसमान इणौ हिली गौ ज़िणौ चिट्ठी मेटदी बारै सौरका आ, और हर एक पहाड़, और टापु, आपणी-आपणी ज़ागाह कु टौल़ी गौऐ। Viz kapitolaबग़ल्याणी14 तेबे सर्ग एड़ा गाईब ऊईगा, जेड़ी चिट्ठी लपेटणे ते सिकुड़ी जाओई और हर एक पाह्ड़ और टापू आपणी-आपणी जगा ते टल़ी गे। Viz kapitola |