प्रकाशित 3:5 - पहाड़ी महासुई5 ज़ुण ज़िता लौ, तेसकै इणी ई शेतै जुड़कै भिड़ाइणै ई, और हाऊं तेसरौ नाऊं ज़िन्दगी री किताबी कु केज़ी भी रीती कौरी नाईं काटू लौ, पर तेसरौ नाऊं आपणै बाब और तेसरै सौरगदूतु काऐ मानु लौ। Viz kapitolaबग़ल्याणी5 जो जीती जाणे, तिना खे सफेद टाले पणयाए जाणे और मां तिना रा नाओं जीवनो रिया कताबा ते कदी पनि मटयांणा, पर तेसरा नाओं आपणे पिते रे और तेसरे स्वर्गदूता सामणे मानी लणा। Viz kapitola |