प्रकाशित 19:5 - पहाड़ी महासुई5 तैबै राज़गद्दी कु एक बाच़ निकल़ी, “ओ मैरै परमेश्वरा कु डौरणै वाल़ै लोगुऔ, का छ़ोटै, का बौड़ै। तुमै सारै तेसरी स्तुति कौरौ।” Viz kapitolaबग़ल्याणी5 तेबे सिंहासनो ते एक आवाज निकल़ी, “ओ म्हारे परमेशरो ते सब डरने वाल़े दासो, क्या छोटे, क्या बड़े, तुसे सब परमेशरो री स्तुति करो।” Viz kapitola |