प्रकाशित 19:21 - पहाड़ी महासुई21 बाकी ज़ो लोग बौच़ै औन्दै थै सै तिणीऐ, ज़ो घौड़ै माथै बोशौ औन्दौ थौ ज़ासरै मुंआ कु तलवार निकल़ा थी, झ़ांगै। और सारै च़िड़ु-च़िटकेरु तिंउरै मांसा खाइयौ डौटी गौऐ। Viz kapitolaबग़ल्याणी21 बाकि लोक तेस कोड़े रे सवारो री तलवारी ते, जो तेसरे मुंओ ते निकल़ो थी, कायी ते और सब पंछी तिना रे मासो की रज्जी गे। Viz kapitola |