प्रकाशित 18:3 - पहाड़ी महासुई3 कैलैकि तिंआरै गान्दै कामा री खतरनाक सूरा री वज़ाह कु सारी ज़ाती लोटी गोई, और धौतरी रै राज़ेउऐ तिंआ आइलै गान्दै काम कियै औन्दै, और धौतरी रै बाणीऐ तिंआरै भौरी सुख हुणै री वज़ाह कु अमीर ई हुऐ औन्दै।” Viz kapitolaबग़ल्याणी3 कऊँकि तेसा रे व्याभिचारो रे शराबो री बजअ ते सब जातिया टल़ी गी रिया। तरतिया रे सामर्थी राजेया तेसा साथे व्याभिचार करी राखेया और तरतिया रे बपारी तेसा रे बऊत जादा सुख-बिलासो री बजअ ते अमीर ऊई रे।” Viz kapitola |