प्रकाशित 17:17 - पहाड़ी महासुई17-18 ज़ेज़ी छ़ेउड़ी ताइंऐ देखी आ, सै भौरी बौड़ौ शैहर आ ज़ो दुनिया रै सारै राज़ेऊ माथै राज़ कौरा आ। इऐ बुशै तिऐं छ़ेउड़ी आइलै हुई गोई ई कैलैकि परमेश्वरै तिंउरै मन आपणै मकसद पुरै कौरना लै च़ौलाऐ थै। एथीलै कि ज़ेबी झ़ाऊं परमेश्वरा री बोली ऐन्दी बुशै पुरी ना हुआ ली तेबी झ़ाऊं तिऊं सारेउऐ आपणौ हक्क तेस बुरै जानवरा कै देई गौ थौ।” Viz kapitolaबग़ल्याणी17 कऊँकि परमेशरो तिना रे मनो रे ये पाणा कि सेयो तेसा री इच्छा पूरी करो और जदुओ तक परमेशरो रे वचन पूरे नि ऊई लो, तदुओ तक एक मन ऊई की आपणा-आपणा राज्य तेस डांगरो खे देई देओ। Viz kapitola |