प्रकाशित 15:2 - पहाड़ी महासुई2 तैबै मुंइऐ आगी कु मिलै औन्दै शिशै ज़िणौ एक समुन्दर देखौ। और ज़ो तेस जानवरा माथै और तेसरी मूर्ती माथै और तेसरै नावां री गिनती माथै ज़ितौ औन्दौ थौ सै तेस शिशै रै समुन्दरा रै नज़दीक परमेश्वरा री वीणा कौरी खौड़ै देखै। Viz kapitolaबग़ल्याणी2 और मैं आगी साथे मिले रा काँचो जेड़ा एक समुद्र देखेया और जो तेस डांगरो पाँदे, तेसरी मूरता पाँदे और तेसरे नाओं रे अंको पाँदे जयवंत ऊए थे, सेयो तेस काँचो रे समुद्रो रे नेड़े परमेशरो री बीणा लयी की खड़े देखे। Viz kapitola |