प्रकाशित 14:11 - पहाड़ी महासुई11 और तिउंरी बेदणी रौ धुंऔ सौदा उठदै रौआ आ, और ज़ो तेस जानवर और तेसरी मूर्ती री पुज़ा कौरा ई, और ज़ो तेसरै नावां री छ़ाप लाआ ई, तेसकै राच और दीन च़ैन नाईं मिला लौ।” Viz kapitolaबग़ल्याणी11 तिना री पीड़ा रा तुआँ जुगो-जुगो तक उठदा रणा और जो तेस डांगर और तेसरी मूरता री पूजा करोए और जो तिना रे नाओं री छाप लओए, तिना खे रात-दिन चैन नि मिलणा।” Viz kapitola |