प्रकाशित 13:1 - पहाड़ी महासुई1 तैबै मुंइऐ समुन्दरा कु एक बुरौ जानवर निकुल़दै देखौ, ज़ासरै दस शींग और सात मूंड थै। तेसरै शिंगा माथै दस राज़ा रै ताज़ थै, और तेसरै मुंडा माथै परमेश्वरा री बुराई रै नाऊं लिखै औन्दै थै। Viz kapitolaबग़ल्याणी1 तेबे मैं एक डांगर समुद्रो ते निकल़दा ऊआ देखेया, जेसरे दस सींग और सात सिर थे। तेसरे सातो सिरा पाँदे दस राजमुकुट थे और तेसरे हर सिरो पाँदे परमेशरो री निन्दा रे नाओं लिखी राखे थे। Viz kapitola |