प्रकाशित 12:16 - पहाड़ी महासुई16 पर धौतरीऐ तिऐं छ़ेउड़ी री मज़द की ई। और आपणौ मूंह खोलियौ तिऐं नौईं रौ पाणी ज़ो अजगरै आपणै मुंआ कौरी बहाऔ थौ, पीई गौ। Viz kapitolaबग़ल्याणी16 पर तरतिये तेसा जवाणसा री मताद कित्ती और आपणा मूँ खोली की, से नदी, जो अजगरे आपणे मुंओ ते बाह्ई थी, पी ती। Viz kapitola |